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रामायण के चोंका देने वाले adhbhut रहस्य jinke baare me jankar chaunk jayenge

By | April 10, 2020

रामायण के चोंका देने वाले adhbhut रहस्य jinke baare me jankar chaunk jayenge




१. श्री राम की माँ कौशल्या, कौशल देश की राजकुमारी थी| इनके पिता का नाम सकौशल व माता का नाम अमृत प्रभा था|

२. ब्रम्हा जी ने रावण को पहले ही बता दिया था कि दशरथ और कौशल्या का पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा |अपनी मृत्युको टालने के लिए रावण ने कौशल्या का अपहरण कर उसे एक डिब्बे में बंद करके उन्हें एक सुमुद्र से घिरे द्वीप पर छोड़ दिया था

३. नारद मुनि ने रावण की यह हरकत राजा दशरथ को बता दी | महाराज दशरथ का युद्ध रावण के साथ हुआ | जिसमे राजा दशरथ के सभी सैनिक मारे गये |राजा दशरथ एक लकड़ी के लट्ठे के सहारे उस द्वीप तक पहुंचे| जहाँ पर नारद मुनि व अन्य ऋषियों ने उनका विवाह संपन्न कराया

४. श्री राम के एक बहन भी थी जिसका नाम शांता था | जिसको बचपन में ही कौशल्या ने अपनी बहन वर्शनी व अंगदेश के राजा रोपद को गोद दे दिया था |

५.माना जाता हैं कि देवी सीता भगवान शिव के धनुष को बचपन से ही खेल- खेल में उठा लेती थी | इसीलिए उनके स्वयंवर में धनुष जिसका नाम पिनाका था, उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रक्खी गयी थी |

६.एक बार रावण जब भगवान शिव के दर्शन करने के लिए कैलाश पर्वत गए | उन्हें मार्ग में नंदी मिले जिनको रावण ने वानर के मुंह वाला कह कर उस का उपहास उड़ाया| नंदी ने तब रावण को श्राप दिया कि वानरों के कारण ही तुम्हारी मृत्यु होगी |

७.  अपने विजय अभियान के दौरान रावण जब स्वर्ग पहुँचा तो वहां उसे रम्भा नाम की एक अप्सरा मिली | रावण उस पर मोहित हो गया| रावण ने जब उसे छूने का प्रयास किया तो उसने कहा कि में आपके भाई कुबेर के पुत्र नल कुबेर के लिए आरक्षित हूं | इसलिए में आपकी पुत्र वधु के समान हूँ | पर रावण अपनी शक्ति में इतना चूर था कि उसने उसकी एक न मानी| जब नल कुबेर को इस बात का पता चला तो उसने रावण को श्राप दिया कि आज के बाद यदि किसी पराई स्त्री को उसकी इच्छा के विरुद्ध छुआ तो उसके मस्तक के 100 टुकड़े हो जायेगे।

८. रावण की बहन सुपर्णखा ने खुद रावण को श्राप दिया था कि उसका सर्वनाश हो जाए | सुपर्णखा का पति राक्षस राजा कालकेय का सेनापति था| जिसका वध रावण ने अपने विश्व विजय अभियान के दौरान कर दिया था |

९. राम सेतु बनाने में कुल 5 दिन का समय लगा था| यह पुल 100 योजन लम्बा व 10 योजन चौड़ा था | एक योजन लगभग 13 किमी के बराबर होता हैं |

१०. वनवास के दौरान श्री राम ने कबंध नामक एक श्रापित राक्षस का वध किया था| उसी ने राम को सुग्रीव से मित्रता करने का सुझाव दिया था |

११. जिस समय श्री राम वनवास को गये थे उस समय उनकी आयु 27 वर्ष थी | राजा दशरथ नही चाहते थे कि राम वन जाए | इसीलिए दशरथ ने उन्हें सुझाव दिया कि वे उन्हें बंदी बना ले और राजगद्दी पर बैठ जाए |

१२. रावण जब विश्व विजय पर निकला तो उसका युद्ध अयोध्या के राजा अनरन्य के साथ हुआ | जिस में रावण विजयी रहा | राजा अनरन्य वीरगतिको प्राप्त हुए |उन्होंने मरते हुए श्राप दिया कि तेरी मृत्यु मेरे कुल के एक युवक द्वारा होगी |

१३. बाल्मीकि रामायण के अनुसार एक बार रावण अपने पुष्पक विमान से जा रहा था| उसने एक सुन्दर युवती को तप करते देखा | वह युवती वेदवती थी जो भगवान विष्णु को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थी | रावण उस पर मोहित हो गया और उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा| तब उस तपस्वी युवती ने रावण को  श्राप दिया कि तेरी मृत्यु का कारण एक स्त्री बनेगी और अपने प्राण त्याग दिए |

१४. भरत को अपने पिता की मृत्यु का आभास पहले ही हो गया था | उसने स्वप्न में देखा कि उसके पिता काले कपड़ों में लाल रंग की फूलो की माला पहने हुए |गधे से जुत्ते एक रथ में बैठकर दक्षिण दिशा ( यम दिशा ) में जा रहे हैं और पीले रंग की स्त्रियाँ उन पर फूलों की वर्षा कर रहीं हैं |

१५. जिस दिन रावण सीता का हरण करके अशोक वाटिका में लाया था| उसी दिन ब्रह्मा ने एक विशेष खीर इंद्र के हाथों देवी सीता तक पहुंचाई थी| इंद्र ने देवी सीता के पहरे पर लगे राक्षसों को अपने प्रभाव से सुला दिया | जिसके बाद इन्द्र ने देवी सीता को वो दिव्य खीर दी जिसे ग्रहण कर देवी सीता की भूख प्यास शांत हो गई थी |

१६. एक बार रावण ने शिव को प्रसन्न करने के लिए कैलाश पर्वत को अपने कंधो पर उठा लिया था | जिससे माता पार्वती बहुत क्रोधित हुई उन्होंने रावण को श्राप दिया कि तेरी मृत्यु एक स्त्री के कारण होगी |

१७. रावण जब अपने विश्व विजय के अभियान पर था तो वह यमपुरी पहुँचा | जहाँ उसका युद्ध यमराज से हुआ | जब यमराज ने उस पर कालदंड का प्रहार करना चाहा तो ब्रम्हा जी उन्हें रोक दिया | क्योंकि  वरदान के कारण रावण का वध किसी देवता द्वारा संभव नहीं था |

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